धृतराष्ट्र ने पूछा– ‘‘हे संजय! धर्मक्षेत्र, कुरुक्षेत्र में एकत्र युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?’’

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धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सव:। 
मामका: पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय।।१।।
धृतराष्ट्र ने पूछा– ‘‘हे संजय! धर्मक्षेत्र, कुरुक्षेत्र में एकत्र युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?’’

अज्ञानरूपी धृतराष्ट्र और संयमरूपी संजय। अज्ञान मन के अन्तराल में रहता है। अज्ञान से आवृत्त मन धृतराष्ट्र जन्मान्ध है; किन्तु संयमरूपी संजय के माध्यम से वह देखता है, सुनता है और समझता है कि परमात्मा ही सत्य है, फिर भी जब तक इससे उत्पन्न मोहरूपी दुर्योधन जीवित है इसकी दृष्टि सदैव कौरवों पर रहती है, विकारों पर ही रहती है। 

शरीर एक क्षेत्र है। जब हृदय-देश में दैवी सम्पत्ति का बाहुल्य होता है तो यह शरीर धर्मक्षेत्र बन जाता है और जब इसमें आसुरी सम्पत्ति का बाहुल्य होता है तो यह शरीर कुरुक्षेत्र बन जाता है। ‘कुरु’ अर्थात् करो– यह शब्द आदेशात्मक है।


तीनों गुण मनुष्य को देवता से कीटपर्यन्त शरीरों में ही बाँधते हैं। जब तक प्रकृति और प्रकृति से उत्पन्न गुण जीवित हैं, तब तक ‘कुरु’ लगा रहेगा। अत: जन्म-मृत्युवाला क्षेत्र, विकारोंवाला क्षेत्र कुरुक्षेत्र है और परमधर्म परमात्मा में प्रवेश …

स्वामी विवेकानंद कोट्स I Swami Vivekananda Quotes-in hindi


स्वामी विवेकानंद कोट्स (Swami Vivekananda)




Quotes- 1,

सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 2,

जितना हम दूसरों के साथ अच्छा करते हैं उतना ही हमारा हृदय पवित्र हो जाता है और भगवान उसमें बसता है

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes, 3,

तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना हैं। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नही हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)


Quotes- 4,

दर्द और ख़ुशी दोनों ही अच्छे टीचर हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 5,

यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता।


– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 6,

हम भगवान को कहा देख पाएंगे, अगर हम उन्हें अपने दिल में या सभी प्राणियों में नहीं देख सकते।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 7, 

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाये।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 8,

खड़े हो जाओ , और सारी जिम्मेदारी अपने कंधो पर ले लो . अपने को कमज़ोर समझना बंद कर दो।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 9,

बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 10,

जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 11,

विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
खुद को कमज़ोर समझना ही सबसे बढ़ा पाप है

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 12,

वो लोग महान है जिनका जीवन दूसरों की सेवा में लग गया।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 13,

दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।
केवल वही जीते रहेंगे जो औरो के लिए जीते हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 14,

किसी की भी निंदा मत करो | अगर तुम सहायता कर सकते हो तो करो वरना अपने हाथो को अंदर कर लो और उन्हें अपने रस्ते जाने दो।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 15,

शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु हैं। विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु हैं। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)


Quotes- 16,

यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)


Quotes- 17

किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 18,

दुनिया एक व्यायाम हैं जहाँ हम सभी मजबूत बनते हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 19,

एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 20,

जो हैं दूसरों की मदद में लग जाये वो महान है, वरना कूड़े का ढेर है।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 21,

अपने में बहुत सी कमियों के बाद भी हम अपने से प्रेम करते हैं तो दूसरों में ज़रा सी कमी से हम उनसे कैसे घ्रणा कर सकते हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 22,

“जब तक जीना, तब तक सीखना” – अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 23,

कुछ ऊर्जावान मनुष्य एक साल में इतना कर देते हैं जितना भीड़ १००० साल में भी नहीं कर सकती।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quote 24,

जो अग्नि हमें गर्मी देती है, हमें नष्ट भी कर सकती है, यह अग्नि का दोष नहीं हैं।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

Quotes- 25,

जिस व्यक्ति के पास सीखने को कुछ नहीं है वो मौत से पहले ही मर गया है।

– स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)

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