धृतराष्ट्र ने पूछा– ‘‘हे संजय! धर्मक्षेत्र, कुरुक्षेत्र में एकत्र युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?’’

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धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सव:। 
मामका: पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय।।१।।
धृतराष्ट्र ने पूछा– ‘‘हे संजय! धर्मक्षेत्र, कुरुक्षेत्र में एकत्र युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?’’

अज्ञानरूपी धृतराष्ट्र और संयमरूपी संजय। अज्ञान मन के अन्तराल में रहता है। अज्ञान से आवृत्त मन धृतराष्ट्र जन्मान्ध है; किन्तु संयमरूपी संजय के माध्यम से वह देखता है, सुनता है और समझता है कि परमात्मा ही सत्य है, फिर भी जब तक इससे उत्पन्न मोहरूपी दुर्योधन जीवित है इसकी दृष्टि सदैव कौरवों पर रहती है, विकारों पर ही रहती है। 

शरीर एक क्षेत्र है। जब हृदय-देश में दैवी सम्पत्ति का बाहुल्य होता है तो यह शरीर धर्मक्षेत्र बन जाता है और जब इसमें आसुरी सम्पत्ति का बाहुल्य होता है तो यह शरीर कुरुक्षेत्र बन जाता है। ‘कुरु’ अर्थात् करो– यह शब्द आदेशात्मक है।


तीनों गुण मनुष्य को देवता से कीटपर्यन्त शरीरों में ही बाँधते हैं। जब तक प्रकृति और प्रकृति से उत्पन्न गुण जीवित हैं, तब तक ‘कुरु’ लगा रहेगा। अत: जन्म-मृत्युवाला क्षेत्र, विकारोंवाला क्षेत्र कुरुक्षेत्र है और परमधर्म परमात्मा में प्रवेश …

एस आई पी क्या है। SIP क्यों करना चाहिए

एसआईपी क्या है, और इसे क्यों करना चाहिए ।

एसआईपी या सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान इसका अत्यंत आदर्श और सुविधाजनक तरीका है. 'सीप' मच्युल फंड
आइये मै एसआईपी के बारे में बताता हूं, एसआईपी एक (systematic investment plan)  मतलब एसआईपी एक ऐसा निवेश है। जिससे आप छोटी सी अमाउंट से निवेश स्टार्ट कर सकते हैं। एसआईपी सुरु करने के लिए आगे समझते हैं।

  
एस आई पी क्या है

मै एक उदाहरण देकर समझता हूं। माना कि आप एक नौकरी करते है। आप को 15 हजार मिलता है। उसमें से कुछ बचत करते है। अब उस पैसे को या तो बैंक में रखेंगे या तो आरडी करेगे अगर आरडी पे आपको 6 पर्सेंट ब्याज  मिलता है तो आपको यह फिक्स है आपको इतना ही मिलेगा लेकिन अगर आपको अपने पैसे को समय के अनुसार ज्यादा बढ़ाना है तो आपको एसआईपी मैं इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा।

एसआईपी क्यों, क्या है इसके फायदे

आइए मैं आपको बताता हूं की अगर आप कोई बिजनेस करते हैं तो उसमें पैसा लगाते हैं और जैसे-जैसे आपका बिजनेस बढ़ता है आपका इनकम बड़ता है उसमें फायदा होता ठीक उसी प्रकार एसआईपी में निवेश किया हुआ पैसा आप किसी के बिजनेस में लगा रहे होते हैं। और उस बिजनेस में जो फायदा होता है। कंपनी का वैल्यू बढ़ाता है।
ठीक उसी प्रकार आपके द्वारा लगाए हुए पैसों मे प्रॉफिट जोड़ता है।

 एसआईपी का शुरुआत कितने से करें।

इस आईटी 100 रुपए से स्टार्ट होता है आप जीतना बचत कर सकते हैं उसके हिसाब से एसआईपी का अमाउंट का शुरुआत कर सकते हैं मेरा मानना है कि एसआईपी long टाइम लिए ज्यादा अच्छा होता है।

  
एस आई पी क्या है ।

एसआईपी कितने टाइम के लिए करना चाहिए।

अगर एसआईपी में अच्छा प्रॉफिट लेना है कंपाउंडिंग इंटरेस्ट का बेनिफिट लेना है तो एसआईपी 5 10 15 साल के लिए करना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि जितना लंबा चलेगा उतना ज्यादा फायदा होगा अगर हम उम्मीद करें तो 15 परसेंट एवरेज रिटर्न मिल सकता है।

एसआईपी में आप मंथली इनवेस्मेंट कर सकते है डेली इन्वेस्टमेंट ऑप्सान भी है एसआईपी एक ऐसा निवेश है जो आप छोटे से शुरू करके बड़ा पैसा बना सकते हैं। और अपने रिटायरमेंट प्लानिग भी कर सकते है। बच्चो के एजुकेशन के लिए भी प्लानीग कर सकते है। बच्चो की सादी की प्लानिंग भी कर सकते है।

म्यूचुअल फंड, प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं और प्रतिभूतियों की प्रकृति योजना के उद्देश्य पर निर्भर करती है।

उदाहरण के लिए, कोई इक्विटी या ग्रोथ फंड कंपनी शेयरों में निवेश करेगा। कोई लिक्विड फंड डिपॉजिट के सर्टीफिकेट और कॉमर्शियल पेपरों में निवेश करेगा।

दोस्तों इस पोस्ट में बस इतना ही अगले पोस्ट में कौन-कौन से फंड में एसआईपी करना चाहिए उसके बारे में चर्चा करेंगे।

मैं उम्मीद करता हूं आप लोगों को कुछ जानकारी मिली होगी अगर हो सके तो पोस्ट को शेयर करें अपने सोशल मीडिया पर और कुछ जानना है तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करें



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