धृतराष्ट्र ने पूछा– ‘‘हे संजय! धर्मक्षेत्र, कुरुक्षेत्र में एकत्र युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?’’

चित्र
धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सव:। 
मामका: पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय।।१।।
धृतराष्ट्र ने पूछा– ‘‘हे संजय! धर्मक्षेत्र, कुरुक्षेत्र में एकत्र युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?’’

अज्ञानरूपी धृतराष्ट्र और संयमरूपी संजय। अज्ञान मन के अन्तराल में रहता है। अज्ञान से आवृत्त मन धृतराष्ट्र जन्मान्ध है; किन्तु संयमरूपी संजय के माध्यम से वह देखता है, सुनता है और समझता है कि परमात्मा ही सत्य है, फिर भी जब तक इससे उत्पन्न मोहरूपी दुर्योधन जीवित है इसकी दृष्टि सदैव कौरवों पर रहती है, विकारों पर ही रहती है। 

शरीर एक क्षेत्र है। जब हृदय-देश में दैवी सम्पत्ति का बाहुल्य होता है तो यह शरीर धर्मक्षेत्र बन जाता है और जब इसमें आसुरी सम्पत्ति का बाहुल्य होता है तो यह शरीर कुरुक्षेत्र बन जाता है। ‘कुरु’ अर्थात् करो– यह शब्द आदेशात्मक है।


तीनों गुण मनुष्य को देवता से कीटपर्यन्त शरीरों में ही बाँधते हैं। जब तक प्रकृति और प्रकृति से उत्पन्न गुण जीवित हैं, तब तक ‘कुरु’ लगा रहेगा। अत: जन्म-मृत्युवाला क्षेत्र, विकारोंवाला क्षेत्र कुरुक्षेत्र है और परमधर्म परमात्मा में प्रवेश …

सुकन्या समृद्धि योजना में "जानिए डिटेल्स" 2020

सुकन्या समृद्धि योजना में 10 साल की उम्र तक की बच्ची का ही खाता खुलवाया जा सकता है। बेटियों की शादी और पढ़ाई की चिंता करने वाले माता-पिता के लिए सुकन्या समृद्धि योजना काफी मददगार है। भारत सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को लॉन्च किया था. 


"सुकन्या समृद्धि योजना "SSY" | "सुकन्या समृद्धि योजना' में "जानिए डिटेल्स" 2020
"सुकन्या समृद्धि योजना" में "जानिए डिटेल्स" 2020

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
पोस्ट ऑफिस की एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है. ये स्कीम सुरक्षित है और इसमें निवेश करने पर अच्छा ब्याज मिलता है।

लॉकडाउन के दौरान SSY में अपनी बेटियों का खाता नहीं खुलवा पाने वाले अभिभावकों को सरकार ने राहत दी है. इस योजना को साल 2015 में लॉन्च किया गया था. ये स्कीम केवल बेटियों के लिए है. लॉकडाउन में जिनकी बेटी की उम्र 10 साल के पार हो गई है।


डाक विभाग के निर्देश के अनुसार जिन लोगों की बेटियों की उम्र 25 मार्च से 30 जून 2020 तक 10 साल की हो गई है, अब वे लोग 31 जुलाई तक अपनी बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवा सकते हैं. वे अब 31 जुलाई 2020 तक सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवा पाएंगे.

यह पोस्ट ऑफिस की एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है. 


ये स्कीम सुरक्षित है और इसमें निवेश करने पर अच्छा ब्याज मिलता है. इस स्कीम में साल में कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश आप कर सकते हैं. फिलहाल इस समय इस योजना में ब्याज दर 7.6 फीसद है।

बेटी के 18 साल के होने पर शिक्षा या फिर विवाह के लिए 50 फीसदी तक की रकम आप खाते से निकाल सकते हैं हर तीन महीने में सरकार इस योजना के लिए ब्याज दर तय करती है. बेटी के 9 साल की उम्र में खाता खुलवाने पर उसके 24 साल का होने तक आप पैसे जमा करा सकते हैं. यह योजना बेटी की 21 साल की आयु पूरी होने के बाद मैच्योर हो जाती है.

इस योजना में PPF की तुलना में अधिक ब्याज मिलता है. आयकर छूट का मिलता है लाभ

सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है. पोस्ट ऑफिस के अलावा आप बैंक के अधिकृत ब्रांच में जाकर इस योजना के तहत खाता खुलवा सकते हैं।

अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आप राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल, पासपोर्ट आदि डॉक्यूमेंट के जरिए भी खाता खुलवा सकते हैं. खाता खुलवाने के लिए बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट, अभिभावक के पते का प्रमाण पत्र या फिर आधार कार्ड जरूरत होगी. 

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कहानी राम कथा - SAR नारद मुनि, सनत्कुमार संवाद, राम कथा - कलियुग की स्थिति

कहानी राम कथा- नारद मुनि, सनत्कुमार संवाद,

Google ने भारत में लॉन्च किया Kormo जॉब पाएं