मनुष्य का जीवन कैसा होता है। How is the life of a human being?

 जिंदगी का यह एक ऐसा सीक्रेट है जो लोग समझ नहीं पाते हैं कि जीवन में हमें करना क्या है जब भी थोड़ा उतार-चढ़ाव आता है तब अपना कंट्रोल खो बैठते हैं पता नहीं चलता जिंदगी में होना क्या था हो क्या गया इसको हम विस्तृत रूप से समझाते हैं मनुष्य का जीवन कैसा होता है इस में कैसे सफल होंगे।



जीवन में घबराने की जरूरत नहीं समझने की है।

  1. जिंदगी और रास्ते दोनों एक जैसे होते हैं
  2. जिंदगी में धैर्य संयम उस क्लच की तरह होते हैं जो आपके गाड़ी में होते है
  3. जब आपकी जिंदगी हाईवे पर चलती है तब एक्सीलेटर काफी बड़ा रोल होता है
  4. जिंदगी में ब्रेक और अपने आप को संभालना ठीक उस गाड़ी को कंट्रोल करना होता है जब आप बहुत स्पीड से चल रहे होते हैं
  5. जिंदगी संयम की भूमिका ठीक आपकी गाड़ी की क्लच की जैसी ही होती है


जिंदगी में कुछ तो समझ में आ जाता है कुछ अपनी समझ से परे होने लगता ऐसे समय में इंसान के मन में बड़ी हलचल से होने लगती है इंसान घबराने लगता है। और एक कहावत है जब इंसान घबराता है तब गलत ही डिसीजन लेता है।  90% लोग अपने जीवन में गलत ही डिसीजन लेता है

जीवन को समझने के लिए मैं एक छोटा सा उदाहरण पेश करता हूं अगर आप इसे पड़ेंगे और अपने जीवन में देखेंगे तो 90% मैच करेगा। चाहे आप जिस स्टेज पर हो चाहे आप जो भी कर रहे लगभग यही होता है सबके साथ बस इसे समझने की जरूरत है।

जिंदगी और रास्ते एक जैसे हैं।

जीवन में भी रास्ते ही जैसे उतार-चढ़ाव मिलते हैं जिस प्रकार आप अपने जीवन में उतार-चढ़ाव से गुजरते हैं ठीक उसी प्रकार से आप उस रास्ते के बारे में सोचें उसमें भी उतार-चढ़ाव आता है जीवन और रास्ते एक दूसरे के पूरक होते हैं क्योंकि जिंदगी रास्ते पर चलती है और रास्ते पर जीवन चलता है।

कभी-कभी जब जिंदगी में ज्यादा उतार-चढ़ाव आए तब उस रास्ते के बारे में सोचना जिस रास्ते से आप जा रहे थे। क्योंकि आपको कच्चे रास्ते मिल गए हैं जिस रास्ते पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़े हो उस समय आपका गाड़ी डगमगाने लगती हैं लेकिन जैसे ही उस रास्ते को आप पार करते हैं फिर से जीवन आपका संभल जाता है ठीक उसी प्रकार जब आपके जीवन में उतार-चढ़ाव आए तब उस समय को आपको उसी प्रकार संभाले रखना चाहिए क्योंकि समय है वह तो चला जाएगा फिर से सब कुछ अच्छा हो जाएगा।

एक समय ऐसा भी आता है जब अच्छी खासी जिंदगी में ब्रेक लग जाता है।

अब इसे समझने के लिए मैं आपको फिर उसी रास्ते पर लेकर चलता हूं जब कभी आप अच्छी खासी हाईवे पर चल रहे होते हैं और अचानक से ट्रैफिक आता है अच्छी खासी स्पीड से चल रहा वाला इंसान वहां पर ब्रेक लगाकर धीरे-धीरे चलने लगता है क्योंकि सामने बहुत बड़ा ट्रैफिक लगा होता है फिर उस ट्रैफिक को पार करने के लिए का इंतजार करना पड़ता है जैसे ही ट्रैफिक खत्म होता है फिर वह स्पीड में चलने लगता है।

ठीक इसी प्रकार जब आपका समय सब अच्छा चल रहा होता है जीवन में कोई रुकावट नहीं आ रही हो और फिर अचानक से कुछ ऐसी मुसीबतें आ जाते हैं जिसकी आप उम्मीद ना किए होते हैं तब आपको ठीक उसी ट्रैफिक के बारे में सोचना चाहिए। इसे पार करने में थोड़ा समय लगेगा अपने आप को संयम में रखना पड़ेगा  ट्रैफिक जैसी जिंदगी को पार करना पड़ेगा यही जीवन का मूल मंत्र है।

जिंदगी में भी एक्सीलेटर और ब्रेक का बहुत महत्व है कभी-कभी ऐसा लगता है कि हमें बहुत स्पीड से चलने की जरूरत है वहां पर आपको एक्सीलेटर की जरूरत पड़ती है ठीक उसी प्रकार जब आप बहुत स्पीड से जाने लगते हैं तब अपने आप को संभालने के लिए ब्रेक की जरूरत पड़ती है। जीवन में भी ऐसा ही होता है जब आप बहुत स्पीड से बढ़ने लगते हैं तब एक ब्रेक की जरूरत होती है जहां पर आप अपने आप को समझ पाएंगे मैं सही जा रहा हूं या गलत तो नहीं जा रहा हूं  ऐसे ही जिंदगी को थोड़ा ब्रेक लेना चाहिए ताकि आप अपने आपको समझ पाओ क्योंकि यह जिंदगी है संभालना तो पड़ेगा

जिंदगी में क्लच का महत्व संयम से

जिंदगी में संयम जिसे हम क्लच के भाषा में आपको बता रहे हैं इसका भी होना बहुत जरूरी है। धैर्य भी कह सकते हैं जिस प्रकार आप अपनी गाड़ी को जब रास्ते पर लेकर निकलते हैं क्लच आपको मैनेज करता है ठीक उसी प्रकार आप अपने जीवन में उसी संयम के साथ निकलते रहिए जो आपके जीवन को समय-समय पर बैलेंस बनाता रहे ताकि आप अच्छे से चल सको जीवन में धैर्य का होना बहुत जरूरी होता है जिसे हम कंट्रोल भी कह सकते हैं।

दोस्तों यह मेरा एक छोटा सा अनुभव है अगर इससे आपको कुछ सीख मिलती है तो मुझे खुशी मिलेगी अगर आपको अच्छा लगता है शेयर जरूर करें







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